भूरिया बाबा का मेला हुआ संपन्न। मेले में हजारो की संख्या में श्रद्धालुओ ने बाबा को धोक लगाया।
मेले में कई बहार से पधारे हुए मेहमान कलाकारों का
स्वागत किया गया और भक्ति सरिता में बहार से पधारे मेहमानों ने चार चाँद लगा दिए।
भक्ति सरिता के आकर्षण रहे भाई महिपाल सिंह जी राजपुरोहित ने ऊपर तथा निचे दोनों जगह पर अपनी सुमधुर वाणी से सभी भक्तो का मन मोह लिया।
भक्त और भी आकर्षित तब हुए जब उन्होंने बहुत ही लोकप्रिय भजन
महादेवजी जोन लेने आवियारे राज
साथै रे विशु रो टोलो लिदो वे तो साथ
धोम धोम धोम विशु आकरो रे राज
जाए रे मेनावती ने खावजो रे राज
बाई रे गवरा ती आगा रेजो मारा लाल
धोम धोम धोम विशु आकरों रे राज।
तथा हां रे बाबा निर्वाणी, नगर में जोगी आया जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। आज का दिन भक्तो के जीवन का बहुत ही यादगार दिवस रहेगा।
महाप्रसादी के लाभार्थी
राजपुरोहित समाज पुराडा
मेले में कई बहार से पधारे हुए मेहमान कलाकारों का
स्वागत किया गया और भक्ति सरिता में बहार से पधारे मेहमानों ने चार चाँद लगा दिए।
भक्ति सरिता के आकर्षण रहे भाई महिपाल सिंह जी राजपुरोहित ने ऊपर तथा निचे दोनों जगह पर अपनी सुमधुर वाणी से सभी भक्तो का मन मोह लिया।
भक्त और भी आकर्षित तब हुए जब उन्होंने बहुत ही लोकप्रिय भजन
महादेवजी जोन लेने आवियारे राज
साथै रे विशु रो टोलो लिदो वे तो साथ
धोम धोम धोम विशु आकरो रे राज
जाए रे मेनावती ने खावजो रे राज
बाई रे गवरा ती आगा रेजो मारा लाल
धोम धोम धोम विशु आकरों रे राज।
तथा हां रे बाबा निर्वाणी, नगर में जोगी आया जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। आज का दिन भक्तो के जीवन का बहुत ही यादगार दिवस रहेगा।
महाप्रसादी के लाभार्थी
राजपुरोहित समाज पुराडा














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